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जाने कौन बनवा रहा है आयोध्या का “भव्य राम मंदिर”?

-क्या अब शुरु होगा राम मंदिर का निर्माण ?

-श्री श्री रविशंकर की पहल लायेगी काम ?

जब-जब देश में कहीं भी चुनाव आता है तो एक मुद्दा हर बार सुर्खियों में रहता है। जी हां हम बात कर रहे हैं “राम मंदिर की”। इस बार गुजरात और हिमाचल में चुनाव है और एक बार फिर से राम मंदिर का मुद्दा शुरु हो गया है। हर बार यह मुद्दा बीजेपी और उससे जुड़े दल ही उठाते हैं मगर इस बार इसकी पहल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के द्वारा कि गयी है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने आने वाली 6 दिसंबर को राम मंदिर पर फाइनल ड्राफ्ट लाने की बात कही है।

 

रिजवी की पहल है कि बने राम मंदिर –

शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी विवादित जगह पर राम मंदिर बनवाने के पक्ष में है। इसके लिये उन्होनें धर्म गुरु श्री श्री रविशंकर से मध्यस्था करने के लिये मुलाकात की थी। उन्होने अपना पक्ष भी रखा था कि वो विवादित स्थान पर मस्जिद की जगह मंदिर ही बनवाना चाहते हैं और मुस्लिम आबादी जहां ज्यादा हो वहां मस्जिद का निर्माण करवाना चाहते हैं।

कोर्ट में भी पेश कर चुके हैं हलफनामा-

ज्ञात हो कि पिछले 8 अगस्त को शिया वक्फ वोर्ड ने सुप्रिम कोर्ट में 30 पेज का हलफनामा डाला था कि बिवादित ढ़ाचे पर बारब की बनवाई हुई मस्जिद थी और इसपर सिर्फ शिया समुदाय का हक बनता है। मगर सुप्रिम कोर्ट ने उनके इस हल्फनामे को खारिज कर दिया था। जिसके बाद उन्होने श्री श्री रवीशंकर से इस मामले में मध्यस्ता करने को कहा था।

6 दिसंबर तक देगें फाइनल ड्राफ्ट –

रिजवी ने कहा है कि वो आने वाली 6 दिसंबर को शिया वक्फ बोर्ड की तरफ से फाइनल ड्राफ्ट प्रस्तुत करेंगे। जिसमें  अयोध्या मुद्दे पर पूरा समाधान निकालने की बात भी रिजवी के द्वारा कही गई है।

6 दिसंबर 1992 में गिरा था विवादित ढ़ाचा –

गौरतलब है कि 6 दिसंबर 1992 को हि कारसेवकों ने विवादित ढ़ाचे या बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था। जिसके बाद से कोई भी सरकार इस मुद्दे को सुलझा नहीं पाये। फिलहाल ये मामला सुप्रिम कोर्ट में हैं और इसपर फैसला आना बाकी है।

 

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